राष्ट्रीय होटल प्रबंध एवं केटरिंग<br>तकनालॉजी परिषद्

राष्ट्रीय होटल प्रबंध एवं केटरिंग
तकनालॉजी परिषद् (पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन स्वायत्तशासी निकाय)

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अध्याय 2
संगठन, कार्यों और कर्तव्यों का विवरण

संगठन

राष्ट्रीय परिषद होटल मैनेजमेंट और कैटरिंग टेक्नोलॉजी एक पंजीकृत सोसायटी पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के तहत शिक्षा और होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी में प्रशिक्षण के लिए उत्तरदायी है। परिषद आतिथ्य शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र को 21 केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित संस्थान,17 राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित आईएचएमऐस संस्थान, 15 निजी संस्थानों और 6 खाद्य शिल्प संस्थान में शिक्षाविदों को नियंत्रित करता है।

परिषद होटल और खानपान उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों के लिए विविध और बदलते जनशक्ति की जरूरत को पूरा करने के लिए एक आधुनिक और मॉडल प्रशिक्षण प्रणाली बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका प्रदर्शन करती है। राष्ट्रीय परिषद की गतिविधियों के खाद्य प्रबंधन, होटल प्रबंधन और संबद्ध कौशल और शिल्प के क्षेत्र में अध्ययन के विभिन्न पाठ्यक्रमों के निर्माण शामिल हैं। परिषद सहयोगी संस्थानों द्वारा यह निर्धारित पाठ्यक्रमों का आयोजन; निर्धारित मानदंडों और मानकों के भौतिक अवसंरचना और उपकरण द्वारा ऐसे संस्थानों की आवश्यकता के लिए। यह संस्थानों में संकाय पदों के लिए शैक्षिक और अन्य मानकों का प्रावधान और विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए छात्रों के प्रवेश के लिए आवश्यक बुनियादी मानकों का प्रावधान करता है। परिषद आतिथ्य प्रबंधन शिक्षा के सामान्य उन्नति को बढ़ावा देता है और यह समन्वित विकास और होटल प्रबंधन और खानपान प्रौद्योगिकी शिक्षा और प्रशिक्षण आदि के विकास पर सरकार को सलाह देता है।

भूमिका और एनसीएचएमसीटी के कार्य:

होटल प्रबंधन और कैटरिंग प्रौद्योगिकी के लिए राष्ट्रीय परिषद् के उद्देश्यों तथा संबद्ध संस्थानों के माध्यम से आतिथ्य शिक्षा के विकास को सुनिश्चित करने के लिए देश में सर्वोच्च संरचना के रूप में इसकी भूमिका अपने ज्ञापन संघ में विस्तारित की गई है जिसमें अन्य बातों के अलावा जनादेश परिषद् कार्यों को प्रभावी रूप से निर्वहन करना जैसे:

  • इस परिषद् का कार्य खाद्य प्रबंधन, होटल प्रबंध, खानपान तकनीकी और प्रयोगिक आहार एवं सहायक कौशल तथा शिल्पकारिता के क्षेत्र में स्नातक तथा स्नातकोत्तर शिक्षा सहित रचनात्मक मार्गदर्शन तथा विभिन्न प्रकार के अध्ययनों का समन्वय और अनुसंधान करना है ।
  • परिषद् का कार्य उन संस्थानों को सम्बद्ध करना हैं जिनका संबन्ध शिक्षा के उन विषयों और सुनिश्चित पाठ्यक्रमों एवं निर्देशों से है, जिनकी परीक्षाएँ परिषद् द्वारा संचालित की जाती हैं ।
  • परिषद् का कार्य अपने से सम्बद्ध संस्थानों के लिए भवन तथा उपकरणों का स्तर निर्धारित करना हैं ।
  • परिषद् का कार्य अपने से सम्बद्ध संस्थानों के कर्मचारियों के लिए शैक्षिक योग्यता और अन्य स्तर निर्धारित करना हैं  तथा जिनके लिए प्रशिक्षण जरूरी हो, उन्हे आगे के प्रशिक्षण के लिए देश के भीतर व बाहर भेजना हैं ।
  • परिषद् का कार्य अपने से सम्बद्ध संस्थानों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में अभार्थियों के दाखिले के लिए शैक्षिक तथा अन्य  योग्यताओं का निर्धारण करना तथा अभ्यर्थियों के प्रवेश का तरीका निर्धारित करना है ।
  • परिषद् का कार्य अपने द्वारा संचालित की जाने वाली परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को प्रवेश कराना है ।
  • परिषद् का कार्य विद्यार्थियों को निम्न कक्षाओं से उच्च कक्षाओं में उन्नत करने के लिए तथा निर्धारित पाठ्यक्रमानुसार प्रमाणपत्र, डिप्लोमा एवं डिग्री प्रदान करने के लिए वार्षिक परिक्षाओं का आयोजन करना है ।
  • परिषद् का कार्य अपने द्वारा संचालित की जाने वाली परिक्षाओं के परिणामों को प्रकाशित करना है ।
  • परिषद् का कार्य उन विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र, डिप्लोमा एवं डिग्री प्रदान करना हैं, जिन्होने सम्बद्ध संस्थानों से निर्धारित पाठ्यक्रम का अध्ययन पूरा करने के बाद परिषद् द्वारा आयोजित की गई परीक्षा को उत्तीर्ण कर लिया हो।
  • परिषद् का कार्य सोसाइटी के लक्ष्यों को प्राप्त करने के उद्देश्य से अन्य प्राधिकारियों एवं शीर्ष संगठनों की आवश्यकता अनुसार सहायता करना है ।
  • परिषद् का कार्य होटल एवं केटरिंग उदद्योग के शैक्षिक और व्यावसायिक हित से संबंध रखने  वाले सदस्यों के अंदर आतिथ्य शिक्षा, तकनीकी या अन्य प्रकार की सामान्य उन्नति को बढ़ावा देना है ।
  • परिषद् का कार्य होटल उदद्योग में पहले से कार्यरत  लोगो की शैक्षिक योग्यता की जांच करने के तरीकों तथा साधनों को सुझाना हैं, जिनसे व्यावसायिक प्राप्तियों को मान्यता प्रदान की जा सके तथा ऐसी  मान्यताओं से संबन्धित प्रासंगिक विषयों के लिए नियम एवं उप नियम बनाना है ।
  • परिषद् का कार्य होटल प्रबंध एवं केटरिंग तकनालॉजी शिक्षा तथा प्रशिक्षण के समन्वित विकास से संबन्धित तथा अन्य विषयों में सरकार को आवश्यकतानुसार परामर्श देना है ।
  • परिषद् का कार्य ऐसे अन्य कानूनी कार्य करना है, जिनको करना जरूरी हो या अचानक आ जाएँ या फिर सोसाइटी के सभी लक्ष्यों या उनमें से किसी एक की प्राप्ति के लिए संचालित करने पड़ें ।
  • परिषद् का कार्य अचल परिसंपत्ति को प्राप्त करने या बेचने, जिसके लिए केंद्र सरकार से भी अनुमोदन ले लिया गया हो, उस परिसंपत्ति को किसी भी ढंग से प्राप्त करना, रखना और बेचना है ।
  • परिषद् का कार्य उस किसी भी संपत्ति के विकास के लिए कार्य करना है, जो सोसाइटी के नाम हो और जिसे सोसाइटी ठीक समझती हो ।
  • परिषद् का कार्य सोसाइटी को कोई अचल संपत्ति या अन्य तरीके से प्राप्त संपत्ति या कोई गिरवी रखी गई प्रतिभूति या उधार देकर प्रतिभूति सहित अथवा बिना प्रतिभूति के धनराशि को बढ़ाना है ।
  • परिषद् का कार्य उन पत्रिकाओं, सामयिक पत्रिकाओं, समाचार पत्रों, पुस्तकों तथा विज्ञापन को प्रकाशित कर छापना तथा प्रदर्शित करना है, जो सोसाइटी के लक्ष्यों की उन्नति के लिए आवश्यक समझे जाते हैं ।
  • परिषद् का कार्य सरकार से सहायता अनुदान, दान आदि प्राप्त करना तथा यदि आवश्यक हो तो दूसरे लोगों द्वारा अनुदान से प्राप्त राशि को सोसाइटी के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रयत्न करना और यदि सरकार द्वारा कोई शर्त रखी गई हो तो उसके अनुसार उनका प्रयोग करना है ।
  • परिषद् का कार्य उन निधि को उत्पन्न करना तथा रखना है, जोकि उनके खाते में हैं ।
    • सरकार और अन्य सरकारों/ संस्थानों द्वारा दी गई धनराशि ।
    • द्वारा प्राप्त की गई सारी फीस और अन्य प्रभार।
    • द्वारा प्राप्त अनुदान, उपहार, दान, वसीयत, अथवा स्थानांतरण के रूप में प्राप्त सारी धनराशि।
    • द्वारा किसी अन्य तरीके अथवा साधनों से प्राप्त राशि।
    • परिषद् का कार्य उत्पन्न किए गए कोष की धनराशि को बेंकों में जमा करना तथा उन्हें सोसाइटी के निर्णय अनुसार निवेशित करना है ।
  • परिषद् का कार्य चेक, नोट या दूसरे पराक्रम्य लिखित को निकालना, बनाना, स्वीकार करना, पृष्ठांकन करना और छूट देना तथा इस उद्देश्य से हस्ताक्षर करना एवं ऐसे कार्य करना तथा आश्वासन पत्र देना है, जोकि आवश्यक हों ।
  • परिषद् का कार्य सोसाइटी से संबन्धित निधि में से किसी का भुगतान करना या समय-समय पर सोसाइटी के आकस्मिक खर्चों समेत किसी विशेष निधि के कुछ हिस्से के प्रबंध एवं प्रशासन के कार्यों के लिए जिनमें आवासीय किराए, दरें, कर, ब्राह्य खर्चे एवं कर्मचारियों  के वेतन शामिल हैं, उनमें व्यय करना है ।
  • परिषद् का कार्य केन्द्रीय सरकार द्वारा समय–समय पर दिए जाने वाले अन्य कार्यों को पूरा करना है ।
आखिरी अपडेट: 11/07/2017 11:57:44 am
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आखरी अपडेट : 08-08-2019 | आगंतुक गणना : 692944

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